एक पहल ऐसा भी जो दूध को दूध और पानी को पानी कर रख दिया फिर भी शासन-प्रशासन की आंख नहीं खुली…

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जांजगीर/ विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर बात बम्हनीडीह ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत सरहर की है यहां के निवासी मछुआरा होने के कारण अपनी पुर्वजों का धंधा मत्स्य पालन तथा मत्स्य आखेट कर अपने तथा अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे इन सभी लोगों का जीवन अंधकार में ऐसे चली गई जिसका उजागर कुछ पाइंट पर करना मैं वाजिब समझता हूं हो सकता है कि शासन-प्रशासन की व्यवस्था पर कहीं चूक हो इसलिए उनका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं ग्राम पंचायत सरहर में बाहुबल्य लोग भी निवास करते हैं जिसमें मुख्यतः राठौर,साहू,सिदार,भैना समाज को लेकर आज से 30 साल पहले गैर मछुआरा पिछड़ावर्ग समाज के नाम से पंजीकरण करा लिया जिसके कारण वास्तव में जो मछुआरों के बच्चे थे उसे दर-दर भटकना पड़ रहा जिसकी मैं घोर निन्दा करता हूं जो कार्य आसानी से मछुआरों के हित में होना चाहिए था वो चंद पैसे की दबाव में आज तक गरीब मछुआरों के बच्चे को लाभ नहीं मिल पाया इस 30 सालों के दौरान मछुआ नीति में कई बार बदलाव किया गया परन्तु गलत तरीके से पंजीयन होने की जानकारी विभाग के आलाधिकारीयों को दी गई परन्तु इन गरीब मछुआरों के बच्चे को दर-दर भटकने के सिवाय कुछ नहीं मिला जबकि मछुआ नीति में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि सामान्य क्षेत्र में जहां मछुआरा व्यक्ति के लोग हैं वहां सिर्फ मछुआरा लोगों को प्राथमिकता होगी जबकि ग्राम पंचायत सरहर में ही ढीमर,केंवट लोगों के द्वारा जय समलाई दाई महिला बहुउद्देशीय सहकारी समिति पंजियन क्रमांक 285 जीवित है इस समिति को आलाधिकारी गुमराह कर तालाबों को पट्टा पर नहीं देते उनके द्वारा हमेशा यही कहा जाता कि आप लोगों की समिति बहुउद्देशीय समिति है जबकि बहुउद्देशीय समिति की बैलाज (नियम कानून)में भी इस बात का जिक्र है कि बहुउद्देशीय समिति के अंतर्गत मत्स्य पालन तथा मत्स्य आखेट को प्राथमिकता होगी तो फिर आलाधिकारीयों द्वारा गुमराह किया जा रहा है क्यों ?

ऐसा कोई विभाग नहीं ऐसी कोई दफ्तर नहीं जहां पूरे सबूत के द्वारा साक्ष्य पेश नहीं किया गया हो एक बार नहीं कितने बार ग़ैर मछुआरा पिछड़ावर्ग समाज पंजीयन क्रमांक 102 को निरस्त कर जय समलाई दाई महिला बहुउद्देशीय समिति को ग्राम पंचायत सरहर के तालाबों को मत्स्य पालन तथा मत्स्य आखेट के लिए प्राथमिकता मिलना चाहिए परन्तु ऐसा नहीं हो पा रहा है जब नियम बनाए जाते हैं तो कुछ नियम ऐसे भी होते हैं जो पंजीकृत संस्था को भंग कर सकता है गैर मछुआरा पिछड़ावर्ग समाज पंजीयन क्रमांक 102 के खिलाफ कई साक्ष्य पेश किया गया है परन्तु जांच करेंगे सघन जांच करेंगे कहकर आज तक टाल-मटोल कर देते है आज विभाग में नए-नए अधिकारीगण उपस्थित हुए है देखना है कि क्या इस बार गैर मछुआरा पिछड़ावर्ग पंजीयन क्रमांक 102को निरस्त कर जय समलाई दाई महिला बहुउद्देशीय सहकारी समिति पंजियन क्रमांक 285 को प्राथमिकता मिलती है या नहीं…

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