सट्टे का काला खेल’, पुलिस की रेड में विकास और विनय अग्रवाल गिरफ्तार, खरसिया का गगन अग्रवाल फरार…

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विश्व कप के इंग्लैंड-इटली मैच पर मोबाइल से लग रहा था दांव, एसएसपी की विशेष टीम ने रंगे हाथ दबोचा

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में ऑनलाइन सट्टा माफियाओं के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे सटीक कार्रवाई को अंजाम दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  शशि मोहन सिंह के कड़े रुख के बाद चक्रधरनगर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने बोईरदादर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित ‘श्याम फिनाइल उद्योग’ में छापेमारी कर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करते हुए दो सट्टा खाईवालों को गिरफ्तार किया है। आरोपी हाईटेक मोबाइल फोन के जरिए इंग्लैंड और इटली के बीच चल रहे क्रिकेट वर्ल्ड कप मैच पर दांव लगवा रहे थे। पुलिस ने मौके से नकदी और महंगे स्मार्टफोन समेत कुल 82,000 रुपये की संपत्ति कुर्क की है।

मुखबिर की सूचना फैक्ट्री के गुप्त कमरे में छापेमारी

पुलिस को गोपनीय सूत्रों से जानकारी मिली थी कि बोईरदादर क्षेत्र की एक फैक्ट्री के भीतर छिपकर सट्टे का बड़ा कारोबार चलाया जा रहा है। सूचना मिलते ही एसएसपी के दिशा-निर्देशन और एडिशनल एसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने पूरी गोपनीयता बरतते हुए ‘श्याम फिनाइल उद्योग’ की घेराबंदी की। जब टीम फैक्ट्री के अंदर पहुंची, तो वहां एक अलग कमरे में आरोपी विकास अग्रवाल और विनय अग्रवाल मोबाइल फोन पर व्यस्त पाए गए। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी इतनी मजबूत थी कि वे सफल नहीं हो सके।

हाईटेक गैजेट्स और सट्टे का मॉडस ऑपरेंडी

पुलिस की रेड के दौरान मौके से जो सामान बरामद हुआ है, वह आरोपियों के हाईटेक नेटवर्क की तस्दीक करता है। मौके पर पुलिस ने पाया कि आरोपी विकास अग्रवाल (उर्फ फून्नु) और विनय अग्रवाल पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से सट्टा ले रहे थे। उनके पास से एप्पल आईफोन (iPhone), वन प्लस (OnePlus) और ओप्पो (Oppo) जैसे तीन महंगे मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। इन फोनों में ऑनलाइन सट्टा वेबसाइट्स लॉगइन मिलीं, जिनके माध्यम से वे सट्टा खेलने वालों और बड़े सट्टा संचालकों (बुकियों) के संपर्क में थे। पूछताछ में मुख्य आरोपी विकास अग्रवाल ने कबूल किया कि वह अपने एक अन्य साथी गगन अग्रवाल (निवासी खरसिया) के साथ मिलकर इस सिंडिकेट को चला रहा था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सट्टे की उगाही के 2000 रुपये नगद भी बरामद किए हैं।

खरसिया का ‘गगन अग्रवाल’ फरार

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विकास अग्रवाल उर्फ फून्नु (38 वर्ष), निवासी हिमालया हाइट्स, चक्रधरनगर और विनय अग्रवाल (49 वर्ष), निवासी सांगीतराई के रूप में हुई है। पुलिस की प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि ये लंबे समय से क्षेत्र में सट्टे की खाईवाली कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद जब आरोपियों से कड़ी पूछताछ की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि वे अकेले इस धंधे में शामिल नहीं हैं। मुख्य आरोपी विकास अग्रवाल ने बताया कि वे गगन अग्रवाल (निवासी खरसिया) के साथ मिलकर सट्टा खाईवाली का काम कर रहे थे। पुलिस की भनक लगते ही गगन अग्रवाल फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश में साइबर सेल की टीमें लगातार लोकेशन ट्रेस कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि गगन की गिरफ्तारी के बाद इस रैकेट के और भी बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।

एसएसपी बोले: बख्शे नहीं जाएंगे अपराधी

चक्रधरनगर पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 52/2026 के तहत मामला दर्ज किया है। इन पर छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस सफल रेड में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक नसिर खान, चक्रधरनगर थाना प्रभारी उप निरीक्षक गेंद लाल साहू, एसएसआई नंद कुमार सारथी और प्रधान आरक्षक श्याम देव साहू सहित पूरी टीम की विशेष भूमिका रही। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि “जिले में अवैध सट्टा या जुआ खेलने वालों की अब खैर नहीं है, पुलिस की पैनी नजर हर उस शख्स पर है जो युवाओं को गर्त में धकेल रहा है।

सट्टेबाजी से बचें

ऑनलाइन सट्टा न केवल कानूनन जुर्म है, बल्कि यह आम जनता के लिए आर्थिक तबाही का रास्ता भी है। इस तरह की पुलिस कार्रवाई से शहर में सुरक्षा का माहौल बनता है और यह स्पष्ट होता है कि इंडस्ट्रियल एरिया जैसे सुनसान इलाकों में भी अपराधी सुरक्षित नहीं हैं। जनता को सतर्क रहना चाहिए और सट्टे जैसी गतिविधियों की जानकारी पुलिस को देकर जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभानी चाहिए।

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