मछुआरा समाज की रंग लाई मेहनत: फर्जी समितियों पर कसता शिकंजा; जांजगीर जिले में भी होगी उचित जाँच, निरस्त होंगे फर्जी पंजीयन…

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रायपुर बगौली जलाशय फर्जीवाड़े के साथ-साथ जांजगीर-चांपा व अन्य जिलों की फर्जी मत्स्य समितियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी…

रायपुर | मछुआरा समाज के हक़, स्वाभिमान और पारंपरिक अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ा जा रहा संघर्ष आखिरकार रंग ले आया है। समाज की अटूट एकजुटता, निरंतर सजगता और अथक प्रयासों के आगे शासन-प्रशासन को झुकना पड़ा है और समाज की एक बहुत बड़ी जीत दर्ज हुई है

रायपुर के बाद जांजगीर जिले में भी फर्जी समितियों का होगा सफाया

रायपुर जिले के बंगोली जलाशय (माँ बम्लेश्वरी समिति मुरा, पंजीयन क्र. 2542) में नियम विरुद्ध तरीके से एक ही परिवार के सदस्यों (पति-पत्नी, बेटा-बहू) को शामिल करने का भंडाफोड़ राष्ट्रीय मछुआरा संघ की अध्यक्ष श्रीमती गायत्री गायग्वाल के नेतृत्व में किया गया था

विभागीय मंत्री जी को सौंपे गए ज्ञापन के बाद संचालनालय मछलीपालन (छत्तीसगढ़) ने कड़ा रुख अपनाते हुए आदेश जारी किया है। इस आदेश का असर अब जांजगीर जिले में भी स्पष्ट देखने को मिलेगा:

  1. जांजगीर जिले की फर्जी मत्स्य समितियों पर भी गिरेगी गाज; 3 फरवरी के धरना प्रदर्शन के बाद जाँच की माँग हुई तेज

    संचालनालय मछलीपालन छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदेशभर में परिवारवाद व नियमों के खिलाफ चल रही मत्स्य समितियों की जाँच के आदेश के बाद जांजगीर-चांपा में भी हलचल तेज हो गई है। 3 फरवरी को कुलीपोटा स्थित मत्स्य विभाग के समक्ष मछुआरा समाज द्वारा दिए गए धरना-प्रदर्शन के संदर्भ में अब जिले की फर्जी समितियों के पंजीयन की गहन जाँच कर उन्हें निरस्त करने की पुरजोर माँग की जा रही है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि बंगोली जलाशय की तर्ज पर जांजगीर जिले के जलाशयों में भी वास्तविक मछुआरों को उनका हक़ दिलाया जाएगा।

  2. जांजगीर जिले में उचित जाँच: जांजगीर-चांपा जिले में संचालित फर्जी मछुआ सहकारी समितियों के पंजीयन की निष्पक्ष जाँच कर उन्हें तत्काल निरस्त किया जाएगा

  3. 7 दिनों में रिपोर्ट: जांजगीर सहित सभी जिलों के अधिकारियों को सहकारिता विभाग के साथ संयुक्त टीम गठित कर 7 दिवस के भीतर विस्तृत जाँच प्रतिवेदन सौंपने के निर्देश दिए गए हैं

  4. पारिवारिक फर्जीवाड़े पर रोक: यदि जाँच में पाया गया कि समिति के सदस्य एक ही परिवार या कुटुम्ब के हैं, तो समिति का पंजीयन निरस्त कर जलाशयों की लीज रद्द की जाएगी

 समाज के नेतृत्व का संदेश:

“यह जीत केवल रायपुर तक सीमित नहीं है। जांजगीर जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ में जहाँ-जहाँ फर्जी तरीके से गैर-मछुआरा लोगों और भू-माफियाओं ने एक ही परिवार के लोगों की समितियाँ बनाई हैं, उन सभी का पंजीयन निरस्त कराया जाएगा और वास्तविक मछुआरों को उनका अधिकार दिलाया जाएगा।”

राष्ट्रीय मछुआरा संघ

 समाचार के मुख्य आकर्षण:

  •  जांजगीर जिले की फर्जी मत्स्य समितियों के पंजीयन की उचित जाँच व निरस्तीकरण की प्रक्रिया तय

  •  रायपुर बंगोली जलाशय फर्जी समिति (पंजीयन 2542) पर जाँच और लीज रद्द करने की कार्रवाई शुरू

  •  पूरे राज्य में समितियों से एक ही परिवार (पति-पत्नी, बेटा-बहू) के अवैध नामांकन को हटाया जाएगा

  •  मछुआरा समाज के निरंतर संघर्ष और एकजुटता की ऐतिहासिक जीत

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