गौरव निषाद हत्याकांड: निष्पक्ष जांच और SIT गठन की मांग को लेकर एसपी रायगढ़ को सौंपा गया ज्ञापन…

गौरव निषाद हत्याकांड: निष्पक्ष जांच और SIT गठन की मांग को लेकर एसपी रायगढ़ को सौंपा गया ज्ञापन…

इन्हे भी जरूर देखे

राष्ट्रीय मछुआरा संघ, निषाद समाज एवं परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर बरती जा रही लापरवाही का लगाया आरोप; उग्र आंदोलन की दी चेतावनी।

रायगढ़। ग्राम अरसीपाली (थाना कोतरारोड) निवासी 25 वर्षीय युवक गौरव निषाद (पिता सुन्दर लाल निषाद) की 30 जुलाई 2026 की रात्रि हुई निर्मम हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर मंगलवार को राष्ट्रीय मछुआरा संघ, समस्त मछुआरा समाज एवं पीड़ित परिवार ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक रायगढ़ को ज्ञापन सौंपा। समाज एवं परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि गौरव निषाद की हत्या गांव के ही यादराम पटेल एवं उसके परिजनों द्वारा सोची-समझी साजिश के तहत की गई है।

पुलिसिया कार्यवाही पर गंभीर सवाल और संदिग्ध बिंदु:

ज्ञापन में कोतरारोड पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए महत्वपूर्ण वैज्ञानिक व तकनीकी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए हैं:

  1. शारीरिक चोट व साक्ष्य छिपाने की कोशिश: मृतक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान, दाहिने कंधे पर करंट से जलने का निशान, नाक-हाथ-पैर से खून बहना तथा गले में कील घुसा पाया गया। मृतक की टी-शर्ट सामान्य रूप से पहने होने के बजाय पीछे निकर के अंदर ठूंसी हुई थी, जो साक्ष्य छिपाने की हड़बड़ी दर्शाती है।

  2. वैज्ञानिक साक्ष्य व मौसम: घटना की रात मूसलाधार बारिश के बावजूद मृतक के कपड़े सूखे थे तथा बाड़ी के आसपास कीचड़/पानी भरे खेतों में किसी के पैरों के निशान नहीं थे। इससे स्पष्ट होता है कि हत्या घर के अंदर की गई और बाद में शव बाड़ी में फेंका गया।

  3. आरोपियों के बयानों में विरोधाभास: आरोपी यादराम पटेल ने अपनी बेटी के बिलासपुर में होने का झूठा दावा किया, जबकि 31 जुलाई की सुबह 5 से 6 बजे के बीच वह CCTV फुटेज में अपनी बेटी को बैग के साथ ले जाता दिख रहा है। इसके अतिरिक्त, शव मिलने के बाद स्थानीय सरपंच या कोटवार को सूचना न देकर दूसरे गांव जाना और पुलिस को सूचना देने के समय में 2 घंटे की देरी साक्ष्य मिटाने की साजिश की ओर इशारा करती है।

  4. लापरवाही: घटना के बाद फॉरेंसिक (FSL) व फिंगरप्रिंट टीम को मौके पर नहीं बुलाया गया तथा परिजनों की सहमति के बिना जल्दबाजी में शव उठाया गया।                                                                                       

प्रमुख मांगें:

  1. मुख्य आरोपी यादराम पटेल, द्रोपती पटेल व संलिप्त परिजनों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए।

  2. मामले की निष्पक्ष जांच हेतु तुरंत विशेष जांच दल (SIT) का गठन हो।

  3. CCTV फुटेज, चश्मदीद गवाहों के बयान एवं आरोपियों के मोबाइल CDR/लोकेशन को जांच में शामिल किया जाए।

उग्र आंदोलन की चेतावनी:

राष्ट्रीय मछुआरा संघ एवं समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यदि आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी व निष्पक्ष कार्यवाही नहीं होती है, तो मछुआरा समाज थाना कोतरारोड एवं एसपी कार्यालय का उग्र घेराव व प्रदर्शन करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।

(प्रतिलिपि उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा जी तथा पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की गई है।)

ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रमुख रूप से उपस्थित रहे:

  • सुन्दर लाल निषाद (पीड़ित पिता

  • सुरेश ढीमर (प्रदेश अध्यक्ष, युवा प्रकोष्ठ, राष्ट्रीय मछुआरा संघ)

  • कैलाश निषाद (अध्यक्ष, निषाद समाज, जिला रायगढ़)

  • गुन्नू निषाद (संयोजक, मछुआरा प्रकोष्ठ, भा.ज.पा.)

  • राजकुमार निषाद (उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय मछुआरा संघ)

  • संतोष धीवर (कोषाध्यक्ष, राष्ट्रीय मछुआरा संघ)

  • दौलतराम धीवर (महासचिव, रायगढ़ वि.स., राष्ट्रीय मछुआरा संघ)

  • चित्रसेन निषाद (अध्यक्ष, युवा प्रकोष्ठ रायगढ़ वि.स.)

  • बबूलाल निषाद, ओमलाल निषाद, चमरू लाल निषाद, सरोज यादव, शिव कुमार, विशाल निषाद, रितेश निषाद, मुन्ना सहनी, रथरम, विनोद निषाद, मुकेश निषाद, चुनामणी निषाद, राजेंद्र निषाद, त्रिनाथ निषाद, शौकी निषाद, सेतराम, सनत धीवर, टेकलाल, भुनेश्वर प्रसाद धीवर एवं समस्त मछुआरा समाज व ग्रामवासी।

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)

इन्हे भी जरूर देखे

Must Read



LIVE SHARE MARKET