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बरमकेला ब्लाक में 8 लाख मिट्रिक टन फ्लाईएश की़ डंपिंग?

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला : बरमकेला ब्लाक में 8 लाख मिट्रिक टन फ्लाईएश की़ डंपिंग?
2 वर्ष में ही अडानी पावर, डीबी पावर, जेएसडब्लू का फ्लाईएश बरमकेला ब्लाक में डंप?
रायगढ़ और सक्ती जिला का फ्लाईएश का भराव सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में?
प्रदूषित फ्लाईएश बना कमाई का जरिया?
एनओसी के बहाने लाखो रूपये का वारा-न्यारा?
संड़ा, झनकपुर, लेन्ध्रा, जोतपुर, कटंगपाली अ बना फ्लाईएश डपिंग जोन?

सारंगढ़/रायगढ़ जिले और सक्ती जिले के पावर प्लांटो के द्वारा थर्मल पावर प्लांट में बिजली बनाने के लिए कोयले को 1200°C से 1400°C तक उच्च तापमान पर जलाने से बचने वाली हल्की राख यानि फ्लाईएश को निपटान के लिये सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला को डस्टबिन के रूप में उपयोग किया जा रहा है। नये जिले के  बरमकेला ब्लाक में ही 2 वर्ष में 8 लाख मिट्रिक टन फ्लाईएश विभिन्न ग्रामो में डंप किया गया है। खास बात यह है कि अवैध पत्थर खदानो को लो-लेयर एरिया यानि छोटा गड्‌ढ़ा बताकर यहा पर फ्लाईएश डंप करने की अनुमति क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण अधिकारी रायगढ़ के द्वारा प्रदान किया गया है जबकि यह जगह अवैध पत्थर खदान था।  सरकारी भूमि और अन्य भूमि पर अवैध पत्थर खदानो पर फ्लाईएश डंप करके  अवैध उत्खनन का मामला को भी रफा-दफा कर दिया गया और फ्लाईएश निपटान के नाम पर मोटा चढ़ावा भी प्राप्त कर लिया गया। पूरे मामलें मे ट्रांसपोर्टर माफिया सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला को फ्लाईएश का डंपिंग जिला बनाने पर तुले हुए है। दरअसल सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला में सरकारी भूमि और निजी भूमि पर अवैध रूप से पत्थर का उत्खनन का बड़ा वर्षो से चलते आ रहा है। बिना रायल्टी और बिना लीज के करोड़ो रूपये के पत्थर का काला कारोबार धड़ल्ले से यहा पर संचालित हो रहा था। नया जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ बनने के बाद प्रशासन की नजर इस काले कारोबार पर पड़ी औरअवैध पत्थर खदानो पर कार्यवाही शुरू हो गई। लेकिन वर्षो से सरकारी भूमि को खोदकर करोड़ो रूयपे का पत्थर निकालने वाले खदानो को आखिर प्रशासन के कार्यवाही से कैसे छुपाया जाय? इस सवाल का जवाब फ्लाईएश का डंप के रूप मे सामने आया। जिसमे अवैध पत्थर खदान भी छुप गया और करोड़ो रूपये का ईनाम भी फ्लाईएश के नाम पर मिल गया। बताया जा रहा है बकायदा फ्लाईएश सिडिंकेट इस काम मे माफियागिरी मे लग गया और पंचायत से एनओसी से लेकर राजस्व विभाग से एनओसी को उचित दर पर प्राप्त करने के बाद यहा पर बड़े स्तर पर फ्लाईएश का  डपिंग का खेल बड़े लेबल पर खेला गया। बताया जा रहा है कि फ्लाईएश का डंपिंग की मात्रा केवल बरमकेला ब्लाक में ही 8 लाख मिट्रिक टन को पार कर गई है। बरमकेला ब्लाक के संड़ा, झनकपुर, कटंगपाली, जोतपुर, लेन्ध्रा आदि स्थानो पर बड़े स्तर पर फ्लाईएश का डपिंग का काम 2 साल में खूब चला है। खास बात यह है कि फ़्लाईएश के इस बड़े स्तर में खेल में लो-लेयर गड्‌ढ़ा मे फ्लाईएश पाटने की अनुमति की बात कही गई है जबकि पूरा फ्लाईएश अवैध पत्थरखदानो मे डाला गया है। रायगढ़ जिला के अड़ानी पावर, जेएसडब्लू और सक्ती के डीबी पावर कंपनी से निकला हुआ अपशिष्ट पदार्थ फ्लाईएश को  बरमकेला ब्लाक में 8 लाख मिट्रिक टन पाटा गया है अर्थात सामान्य तौर पर देखा जाये तो 30 हजार हाईवा फ्लाईएश को बरमकेला ब्लाक में गत 2 वर्षो के दौरान ही पाटा गया है। इस कार्य के होने से माफिया वर्ग खुश है तथा मोटा माल कमाने मे व्यस्त है किन्तु बरमकेला ब्लाक में पानी प्रदूषित हो रहा है  और जलीय वातावरण भी दूषित हो रहा है।  फ्लाईएश के कारण से क्षेत्र पर पड़ने वाले़ प्रभाव  फ्लाईएश के सूक्ष्म कण हवा में उड़कर सांस के जरिए फेफड़ों में जमा हो जाते हैं, जिससे अस्थमा,  ब्रोंकाइटिस और सिलिकोसिस जैसी बीमारियां होती हैं। इसमें आर्सेनिक, लीड, मर्करी और कैडमियम जैसी विषैली भारी धातुएं होती हैं, जिनसे कैंसर, हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। वही बारिश या पानी के संपर्क में आने पर फ्लाई ऐश से भारी धातुएं रिसकर भूजल (groundwater) और नजदीकी स्रोतों में मिल जाती हैं, जिससे पानी जहरीला हो जाता है। वही डंपिग किया गया स्थान से फ्लाईएश उड़कर खेतों और फसलों पर जमा हो जाती है जिससे पौधों की प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया प्रभावित होती है और पैदावार घटती है। इसी प्रकार से थर्मल पावर प्लांटों से निकलने वाली या ट्रकों से ढोई जाने वाली राख हवा में फैलकर धुंध बनाती है। जिससे साफ प्रतीत हो रहा है कि पावर प्लांटो से उत्सर्जित हो रही फ्लाईएश कही से भी क्षेत्र के लिये लाभकारी नही है।

संड़ा, झनकपुर, लेन्ध्रा, जोतपुर, कटंगपाली अ बना फ्लाईएश डपिंग जोन?

इस संबंध में क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण मंडल कार्यालय रायगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार बरमकेला ब्लाक के कई गांवो मे फ्लाईएश डंपिंग करने की अनुमति गत 2 वर्षो में प्रदान किया गया है। जिसके
अनुसार से फ्लाईएश का डपिंग का कार्य संपन्न किया गया है। अभी तक 8 लाख मिट्रिक टन फ्लाईएश का भराव बरमकेला ब्लाक के कई गांवो में किया गया है। जिसकी सूची निम्न है। क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण मंडल
कार्यालय रायगढ़ के द्वारा जानकारी दिया गया है कि कुल 15 आदेश में बरमकेला ब्लाक में 8.01 लाख  मिट्रिक टन फ्लाईएश डंपिग करने की अनुमति प्रदान किया गया है।

1. संड़ा में 16 हजार मिट्रिक टन, डी.बी.पावर कंपनी अनुमति आदेश दिनांक 6-4-25
2. झनकपुर में 25 हजार मिट्रिक टन, डी.बी.पावर कंपनी, अनुमति आदेश दिनांक 22-12-
25।
3. जोतपुर बोंदा मे 1 लाख मिट्रिक टन, अड़ानी पावर, अनुमति आदेश दिनांक 2-12-25।
4. कटंगपाली अ में 1 लाख मिट्रिक टन, अड़ानी पावर कंपनी, अनुमति आदेश दिनांक 30-03-
2025।
5. जोतपुर में 50 हजार मिट्रिक टन, अड़ानी पावर कंपनी, अनुमति आदेश दिनांक 06-09-
2025।
6. जोतपुर में 50 हजार मिट्रिक टन, अड़ानी पावर कंपनी, अनुमति आदेश दिनांक 26-09-
2025।
7. जोतपुर में 50 हजार मिट्रिक टन, अड़ानी पावर कंपनी, अनुमति आदेश दिनांक 26-09-
2025।
8. कटंगपाली अ में 20 हजार मिट्रिक टन, अड़ानी पावर कंपनी, अनुमति आदेश दिनांक 23-09-
2025।

9. कटंगपाली अ में 30 हजार मिट्रिक टन, अड़ानी पावर कंपनी, अनुमति आदेश दिनांक 09-09-
2025।
10. कटंगपाली अ में 25 हजार मिट्रिक टन, अड़ानी पावर कंपनी, अनुमति आदेश दिनांक
09-09-2025।
11. कटंगपाली अ में 1 लाख मिट्रिक टन, जेएसडब्लू नहरपाली, अनुमति आदेश दिनांक
03-04-2025।
12. कटंगपाली अ में 1 लाख मिट्रिक टन, जेएसडब्लू नहरपाली, अनुमति आदेश दिनांक
29-01-2024।
13. कटंगपाली अ में 1 लाख मिट्रिक टन, अड़ानी पावर कंपनी, अनुमति आदेश दिनांक 09-
09-2024।
14. कटंगपाली अ में 25 हजार मिट्रिक टन, अड़ानी पावर कंपनी, अनुमति आदेश दिनांक
09-09-2025।
15. लेन्ध्रा में 10 हजार मिट्रिक टन, अड़ानी पावर कंपनी, अनुमति आदेश दिनांक 16-
12-24।

VIP HOTEL के चिकन पर बवाल, ‘झटका’ के नाम पर ‘हलाल’ परोसने का आरोप; भाजपा नेता ने जताया कड़ा विरोध वीडियो हुआ वायरल…

रायगढ़/जूटमिल थाना क्षेत्र स्थित VIP HOTEL में चिकन परोसने को लेकर शुक्रवार को विवाद खड़ा हो गया। भाजपा नेता अंशु टुटेजा और उनके साथियों ने आरोप लगाया कि होटल में ‘झटका चिकन’ बताए जाने के बावजूद कथित रूप से हलाल चिकन परोसा गया। इस आरोप के बाद होटल में जमकर विरोध जताया गया।
बताया जा रहा है कि चिकन की प्रकृति को लेकर पूछताछ के दौरान मामला तूल पकड़ गया। विरोध कर रहे लोगों ने होटल प्रबंधन से स्पष्ट जवाब और संबंधित खाद्य सामग्री के स्रोत से जुड़ी जानकारी की मांग की।
मामले की सूचना मिलने के बाद जूटमिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और होटल संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। अब पूरे मामले में पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

झटका’ के नाम पर ‘हलाल’ परोसने का आरोप, जांच से खुलेगा राज

विवाद का सबसे अहम सवाल यही है कि क्या वास्तव में होटल में झटका बताकर हलाल चिकन परोसा गया था या फिर यह महज गलतफहमी थी? इसका वास्तविक जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा।
यदि जांच में ग्राहकों को गलत जानकारी देकर खाद्य पदार्थ परोसे जाने की पुष्टि होती है, तो होटल प्रबंधन के खिलाफ लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की मांग तेज हो सकती है। वहीं, यदि आरोप की पुष्टि नहीं होती है तो पुलिस जांच के आधार पर स्थिति साफ हो जाएगी।
फिलहाल मामला जूटमिल थाना क्षेत्र के VIP HOTEL से जुड़ा होने के कारण चर्चा में है। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि होटल संचालक के खिलाफ FIR दर्ज होती है या नहीं और किन धाराओं में कार्रवाई की जाती है।

शिवा शर्मा हत्याकांड: श्रद्धा दुबे से 6.5 घंटे पूछताछ, पुलिस ने पूछे 120 सवाल; 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजी गई मॉडल…

  • नेपाल जाने, नकदी के स्रोत और घटना के समय फ्लैट में मौजूद लोगों को लेकर पुलिस ने की पूछताछ; बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश भी जेल भेजे गए

लखनऊ। कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में गिरफ्तार मॉडल श्रद्धा दुबे से लखनऊ पुलिस ने करीब साढ़े छह घंटे तक पूछताछ की। पुलिस ने इस दौरान उससे लगभग 120 सवाल पूछे। इनमें 9 अक्टूबर को हुई घटना, नेपाल जाने, नकदी की व्यवस्था और फरारी के दौरान ठिकाने बदलने से जुड़े सवाल शामिल थे। पुलिस के मुताबिक, श्रद्धा ने ज्यादातर सवालों पर चुप्पी साधे रखी और कई सवालों के जवाब में अपने वकील से बात करने को कहा।
पूछताछ के बाद श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने तीनों को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस अब मामले से जुड़े डिजिटल और अन्य साक्ष्यों की जांच के जरिए घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

नकदी कहां से आई, नेपाल क्यों गई—पुलिस के सवाल
जांच के दौरान पुलिस ने श्रद्धा से पूछा कि उसके पास नकदी कहां से आई और बिना एटीएम से पैसे निकाले या यूपीआई का इस्तेमाल किए वह खर्च कैसे चला रही थी। इसके अलावा, पुलिस ने यह जानने की कोशिश की कि शिवा शर्मा की मौत वाले दिन फ्लैट में कौन-कौन मौजूद था और घटना से पहले क्या हुआ था।
पुलिस नेपाल जाने और वहां से भारत लौटने के रास्ते के बारे में भी जानकारी जुटाना चाहती है। जांचकर्ताओं के मुताबिक, घटना के बाद आरोपियों की गतिविधियों और उनके ठिकानों का पता लगाना मामले की जांच के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, पूछताछ में सामने आए सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

चार मोबाइल फोन और नकदी की जांच
पुलिस ने आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन और नकदी बरामद होने की जानकारी दी है। मोबाइल फोन को सील कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। जांच एजेंसियां डिजिटल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास कर रही हैं।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फरारी के दौरान आरोपियों को किसी अन्य व्यक्ति ने मदद पहुंचाई थी या नहीं। ऐसे लोगों की भूमिका सामने आने पर उनसे भी पूछताछ की जा सकती है।

9 अक्टूबर को हुई थी शिवा शर्मा की मौत
यह मामला लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट का है। 9 अक्टूबर को कारोबारी शिवा शर्मा की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। उनकी मां की शिकायत के आधार पर श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि, ड्राइवर दानिश और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था।
मामले में नाम सामने आने के बाद श्रद्धा और उसके साथियों की तलाश शुरू हुई। उत्तर प्रदेश एसटीएफ, लखनऊ पुलिस और नागपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीनों को 20 अक्टूबर को नागपुर से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें लखनऊ लाया गया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी जांच का अहम हिस्सा
शिवा शर्मा की मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट करने के लिए पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। श्रद्धा दुबे पहले सोशल मीडिया पर सामने आकर खुद को निर्दोष बता चुकी है और शिवा की मौत को आत्महत्या बताया था। दूसरी ओर, मृतक के परिजनों ने हत्या के आरोप लगाए हैं।
फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपियों की न्यायिक हिरासत के दौरान मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। शिवा शर्मा की मौत के वास्तविक कारणों और आरोपियों की कथित भूमिका पर अंतिम निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

AK-47 से हवाई फायरिंग के मामले में IPS अंकिता शर्मा को नोटिस, पुलिस मुख्यालय ने मांगा जवाब…

  • दशहरे पर शस्त्र पूजा के बाद फायरिंग का वीडियो वायरल होने से उठा विवाद, जवाब के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले की पुलिस अधीक्षक (एसपी) और आईपीएस अधिकारी अंकिता शर्मा को एके-47 राइफल से हवाई फायरिंग करने के मामले में पुलिस मुख्यालय ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दशहरे के अवसर पर शस्त्र पूजा के बाद फायरिंग करते हुए उनका वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था। इसके बाद हथियारों के इस्तेमाल से जुड़े सुरक्षा नियमों और पुलिस विभाग की अनुशासन व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे।
यह घटना 20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर राजनांदगांव पुलिस लाइन में आयोजित शस्त्र पूजा के दौरान हुई थी। कार्यक्रम में पुलिस के हथियारों और वाहनों की विधिवत पूजा की गई। इसके बाद साड़ी पहने एसपी अंकिता शर्मा ने एके-47 से कई राउंड हवाई फायरिंग की। घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया। राजनांदगांव के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर का भी फायरिंग करते हुए एक अलग वीडियो सामने आया था।

पुलिस मुख्यालय ने मांगा स्पष्टीकरण
मामले को लेकर छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय ने अंकिता शर्मा से जवाब मांगा है। राजनांदगांव रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अजय यादव के अनुसार, एसपी का जवाब मिलने के बाद वह अपनी टिप्पणी दर्ज कर मामले को पुलिस मुख्यालय भेजेंगे। इसके बाद संबंधित अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रकरण में विभागीय स्तर पर हथियारों के इस्तेमाल से संबंधित निर्धारित नियमों और सुरक्षा प्रक्रियाओं के पालन को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। फिलहाल, अधिकारी का पक्ष सामने आने और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

हथियारों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने इसे दशहरे पर शस्त्र पूजा से जुड़ी परंपरा बताया, जबकि अन्य लोगों ने सार्वजनिक स्थान पर हथियार चलाने के तरीके और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाए।
सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी आरके विज ने कहा कि फायरिंग केवल सुरक्षित स्थान पर और पर्याप्त सावधानियों के साथ की जानी चाहिए। वहीं, पूर्व सैन्य अधिकारियों ने भी वीडियो में दिखाई दे रहे हथियार संचालन के तरीके को लेकर चिंता जताई।
दूसरी ओर, एक पुलिस अधिकारी ने मीडिया रिपोर्ट में दावा किया कि शस्त्र पूजा के दौरान कुछ स्थानों पर खाली कारतूस से पारंपरिक फायरिंग की जाती है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर इस विशेष घटना में इस्तेमाल किए गए कारतूस की प्रकृति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

सरकार ने भी लिया संज्ञान
वीडियो सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा था कि सरकार इस मामले का संज्ञान लेगी। अब पुलिस मुख्यालय की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बाद मामले में विभागीय जवाब और आगे की कार्रवाई पर नजर है।
शस्त्र पूजा पुलिस बल की एक पारंपरिक गतिविधि है, लेकिन सरकारी हथियारों के इस्तेमाल के दौरान सुरक्षा और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन भी महत्वपूर्ण है। अंकिता शर्मा के जवाब के बाद विभाग इस मामले में आगे का निर्णय लेगा।

रायगढ़ पुलिस का सख्त एक्शन: चक्रधरनगर चौक मारपीट मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार, दोनों पक्षों पर अपराध दर्ज

  • कानून हाथ में लेने वालों पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई, मारपीट की घटना के बाद तीन आरोपियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी

रायगढ़। चक्रधरनगर चौक स्थित दुर्गा पंडाल के पास दो पक्षों के बीच हुई मारपीट की घटना को लेकर चक्रधरनगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना दिनांक 21 अक्टूबर 2026 की रात  की है। विवाद के दौरान मारपीट और गाली-गलौज की शिकायतें सामने आने पर पुलिस ने दोनों पक्षों की रिपोर्ट पर अलग-अलग अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
वहीं घटना समय पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं करने की शिकायत भी वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आया है जिसे लेकर विभागीय कार्यवाही की जा रही है।
मारपीट की घटना को लेकर एक पक्ष के सुशील गुप्ता (31 साल) निवासी छोटे अतरमुडा  चक्रधरनगर  ने आरोप लगाया कि चक्रधरनगर चौक पर चन्द्रशेखर सिंह राजपूत  विजयपुर शराब भट्टी के पास हुए विवाद को लेकर अभिलाष गुप्ता के साथ झगड़ा कर रहा था, विवाद में बीच-बचाव करने के दौरान चंद्रशेखर ने हाथ में पहने कड़े से उनके सिर पर वार किया, जिससे उन्हें चोट आई। वहीं, दूसरे पक्ष के चन्द्रशेखर सिंह राजपूत 42 साल ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि आहता में हुए विवाद के बाद चक्रधरनगर चौक पर दूसरे पक्ष के युवक अभिलाष गुप्ता और उसके साथियों ने उसे और उसके चाचा श्याम सिंह राजपूत और चचेरे भाई उत्तम सिंह राजपूत के साथ मारपीट की गई।
दोनों पक्षों की शिकायत पर थाना चक्रधरनगर में काउंटर अपराध क्रमांक 533/2026 एवं 534/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 351(3), 115(2) एवं 3(5) में अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
अपराध क्रमांक 533/2026 के आरोपी चन्द्रशेखर सिंह राजपूत, उत्तम सिंह राजपूत और श्याम सिंह राजपूत को अपराध में गिरफ्तार   कर पृथक से तीनों के विरुद्ध धारा 170 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत पृथक से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है। दोनों मामलों में विवेचना जारी है।

रायगढ़ पुलिस की स्पष्ट चेतावनी
कानून व्यवस्था बिगाड़ने, सार्वजनिक स्थानों पर मारपीट करने और शांति भंग करने वालों के विरुद्ध पुलिस नियमानुसार सख्त कार्रवाई करेगी। किसी भी विवाद का समाधान कानून के दायरे में रहकर करें। कानून अपने हाथ में लेने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

गिरफ्तार आरोपी
(1) चन्द्रशेखर सिंह राजपूत पिता स्व० नरेश सिंह राजपूत उम्र 31 वर्ष निवासी बंगलापारा कोतरा रोड थाना सिटी कोतवाली जिला रायगढ छ०ग०
(2) उत्तम सिंह राजपूत पिता श्याम सिंह राजपूत उम्र 25 वर्ष निवासी बंगलापारा कोतरा रोड थाना सिटी कोतवाली जिला रायगढ़ छ०ग०
(3) श्याम सिंह राजपूत पिता स्व० लल्लू सिंह राजपूत उम्र 51 वर्ष निवासी बंगलापारा कोतरा रोड थाना सिटी कोतवाली जिला रायगढ़ छ०ग०

अवैध धान के परिवहन पर बड़ी कार्रवाई, 108 बोरी धान जब्त…

  • बलौदाबाजार जिले में जांच के दौरान पकड़ा गया धान, वाहन भी जब्त; समर्थन मूल्य पर खरीदी से पहले प्रशासन की सख्ती तेज

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का सीजन शुरू होने से पहले अवैध धान के भंडारण और परिवहन पर प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। इसी क्रम में बलौदाबाजार जिले के कसडोल विकासखंड के रिकोकुर्द गांव में कार्रवाई करते हुए 108 बोरी धान जब्त किया गया। धान के परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन को भी प्रशासन ने अपने कब्जे में लेकर गांव के कोटवार की सुपुर्दगी में रखा है। मामले में संबंधित व्यक्ति से धान के परिवहन और उसके स्रोत के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।

रिकोकुर्द गांव में पकड़ा गया धान
जानकारी के अनुसार, प्रशासन को धान के अवैध परिवहन की सूचना मिली थी। इसके बाद संबंधित क्षेत्र में जांच की गई। कार्रवाई के दौरान पवन कुमार साहू, पिता गजाधर साहू, के माध्यम से ले जाए जा रहे 108 बोरी धान को पकड़ा गया। अधिकारियों ने धान के साथ परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन को भी जब्त कर लिया।
जब्त धान को फिलहाल गांव के कोटवार की सुपुर्दगी में रखा गया है। प्रशासन की ओर से धान के स्रोत और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

धान खरीदी से पहले प्रशासन सतर्क
छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने से पहले सीमावर्ती क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में धान के भंडारण तथा परिवहन पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दूसरे राज्यों से लाए गए धान को नियमों के विरुद्ध खरीदी व्यवस्था में खपाया न जा सके।
धान खरीदी के दौरान किसी भी तरह की अनियमितता रोकने के लिए राजस्व और खाद्य विभाग की टीमें जांच अभियान चला रही हैं। संदिग्ध मामलों में धान के भंडारण, परिवहन और उससे संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।

अनियमितता मिलने पर होगी कार्रवाई
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निगरानी जारी रहेगी। जहां नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि खरीदी व्यवस्था का लाभ पात्र किसानों को मिले और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को समय रहते रोका जा सके।
फिलहाल रिकोकुर्द गांव में जब्त 108 बोरी धान और वाहन से जुड़े मामले में आगे की जांच की जा रही है। जांच के निष्कर्षों के बाद अगली कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

जिला पंचायत सीईओ ने स्वास्थ्य केन्द्रों का किया निरीक्षण…

  • मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के दिए निर्देश

रायगढ़। शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर बनाने और आम नागरिकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगातार कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही अधिकारियों द्वारा स्वास्थ्य केन्द्रों में पहुंचकर सुविधाओं का जायजा भी लिया जा रहा है। इसी क्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत पठारे ने शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर, बाघतालाब एवं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी), मोदीनगर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, दवाइयों, प्रयोगशाला जांच सेवाओं और साफ-सफाई की व्यवस्था का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सीईओ पठारे ने स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित किया कि शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप मरीजों को सभी आवश्यक दवाइयां और लैब जांच की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि मरीजों को समय पर जांच एवं उचित उपचार मिल सके। सीईओ पठारे ने शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर, बाघतालाब को मॉडल यू-आयुष्मान आरोग्य मंदिर के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में साफ-सफाई, सुव्यवस्थित वातावरण और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैकरा, संबंधित प्रभारी चिकित्सक एवं स्वास्थ्य केंद्रों के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।

मुंगेली: धरमपुरा के सरकारी क्वार्टर में मिला महिला CHO का शव, क्षेत्र में फैली सनसनी…

मुंगेली। जिले के जरहागांव थाना क्षेत्र के ग्राम धरमपुरा से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर आई है। धरमपुरा उप स्वास्थ्य केंद्र (Sub-Health Center) में तैनात 28 वर्षीय महिला सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) कमलेश्वरी साहू का शव उनके ही शासकीय आवास में पाया गया है. घटना के बाद से पूरे स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय इलाके में हड़कंप मच गया है.

ड्यूटी पर नहीं पहुंचने से खुला मामला

जानकारी के अनुसार, कमलेश्वरी साहू रोजाना की तरह अपने काम पर तैनात थीं. लेकिन जब वह तय समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंचीं, तो स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ और स्थानीय लोगों को चिंता हुई. इसके बाद जब लोग उनके सरकारी क्वार्टर पहुंचे और काफी आवाज देने के बाद भी अंदर से कोई हलचल नहीं हुई, तो खिड़की/दरवाजे से जांच की गई। अंदर कमलेश्वरी का शव मृत अवस्था में पाया गया।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

घटना की तत्काल सूचना जरहागांव थाना पुलिस को दी गई. पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा खुलवाया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। शव का पंचनामा कर उसे तत्काल पोस्टमार्टम (Post-Mortem) के लिए मुंगेली जिला अस्पताल भेज दिया गया। चूंकि कार्रवाई पूरी होने में शाम हो गई थी, इसलिए शव को रातभर के लिए मरचुरी में सुरक्षित रखा गया और अगले दिन पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।

प्रशासन ने दी आर्थिक सहायता

इस आकस्मिक और दुखद घटना के बाद शासन-प्रशासन की ओर से संवेदनशीलता दिखाते हुए छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के अनुसार, दिवंगत सीएचओ कमलेश्वरी साहू के पिता को तत्परता से 50 हजार रुपये की अनुकम्पा/तत्कालिक सहायता राशि प्रदान की गई है.

जांच में जुटी पुलिस

महिला अधिकारी की मृत्यु के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है. जरहागांव पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. पुलिस मृतका के मोबाइल फोन रिकॉर्ड्स, स्वास्थ्य केंद्र के सहयोगियों और परिजनों के बयानों के आधार पर मामले की गहराई से जांच कर रही है.

 

 

मुंगेली में विवाहिता की संदिग्ध मौत: मायके पक्ष का आरोप– ‘जमीन के लिए बेटी को जहर देकर मार डाला’, पति समेत ससुराल के 5 लोगों पर केस दर्ज…

मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। जरहागांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम धरमपुरा में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। घटना के बाद मृतका के पिता ने जरहागांव थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और हत्या का गंभीर आरोप लगाया है।

14 साल पहले हुई थी शादी, 7 साल का बेटा भी है
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कबीरधाम (कवर्धा) जिले के ग्राम बुधवारा निवासी रामप्यारे जांगड़े ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपनी बेटी मधु जांगड़े की शादी लगभग 14 वर्ष पहले मुंगेली के ग्राम धरमपुरा निवासी सूर्यकरण जांगड़े के साथ सामाजिक रीति-रिवाज से की थी। शादी के बाद दोनों का एक 7 वर्षीय बेटा भी है।
मायके से पैसे और जमीन बेचने का था दबाव
मृतका के पिता और परिजनों का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल वाले मधु को कम दहेज का ताना देकर प्रताड़ित करने लगे थे। मृतका का पति सूर्यकरण शराब पीने का आदी था और आए दिन मधु के साथ मारपीट करता था। हाल ही में ससुराल पक्ष के लोग मधु पर दबाव बना रहे थे कि वह ग्राम दुल्लापुर में अपनी मां के नाम पर स्थित कृषि भूमि (जमीन) को बिकवाए और वहां से मिलने वाली रकम को अपने ससुराल लेकर आए। जब मधु ने इसका विरोध किया, तो उसके साथ शारीरिक और मानसिक क्रूरता और बढ़ गई।
संदिग्ध हालात में हुई मौत, पिता बोले- ‘जहर देकर मारा’
परिजनों का आरोप है कि इसी जमीन विवाद और पैसों की मांग को लेकर योजनाबद्ध तरीके से मधु को जहर पिलाकर मौत के घाट उतार दिया गया। घटना की भनक लगते ही मायके पक्ष के लोग मुंगेली पहुंचे, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। [1]
इन 5 लोगों पर लगा हत्या का आरोप
मृतका के पिता रामप्यारे ने अपनी शिकायत में मुख्य रूप से इन 5 लोगों को आरोपी ठहराते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है:
    1. सूर्यकरण जांगड़े (पति)
    2. ससुर
    3. सास
    4. जेठ
    5. जेठानी [1]

पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मृतका के परिजनों ने पुलिस की शुरुआती सुस्त कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। परिजनों का कहना है कि घटना को लेकर पुलिस को तत्काल निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजना चाहिए। [1]
पुलिस का बयान: जरहागांव थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट (PM Report) आने के बाद मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल दहेज प्रताड़ना और हत्या के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।

सालासार विहार के प्रमोटर पर 25 लाख रुपये का जुर्माना,बिना रेरा पंजीयन भूखंडों की बिक्री पर CG-RERA की बड़ी कार्रवाई …

रायपुर जिले के आरंग स्थित सालासार विहार परियोजना में नियमों के उल्लंघन पर प्राधिकरण की सख्ती

रेरा अधिनियम की धारा 3 के उल्लंघन पर धारा 59 के तहत लगाई गई शास्ति

संपत्ति खरीदने से पहले रेरा पंजीयन की जांच अवश्य करें नागरिक : CG-RERA

रायपुर/ छत्तीसगढ़ में रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भूखंड एवं आवास खरीदारों के हितों की सुरक्षा के लिए छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CG-RERA) द्वारा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रमोटरों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में प्राधिकरण ने रायपुर जिले के आरंग स्थित ‘सालासार विहार’ परियोजना में बिना रेरा पंजीयन के भूखंडों की बिक्री करने के मामले में प्रमोटर राजीव सोनी, पिता के.एल. सोनी, पर 25 लाख रुपये की शास्ति अधिरोपित की है।

प्राधिकरण द्वारा प्रकरण में प्रस्तुत दस्तावेजों एवं उपलब्ध तथ्यों के परीक्षण में पाया गया कि सालासार विहार परियोजना के अंतर्गत भूमि का भूखंडों में विभाजन कर रेरा पंजीयन प्राप्त किए बिना भूखंडों का विक्रय किया गया। यह कृत्य भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 3 के प्रावधानों का उल्लंघन है। प्राधिकरण ने इस उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए अधिनियम की धारा 59 के अंतर्गत परियोजना की अनुमानित लागत के आधार पर प्रमोटर पर 25 लाख रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया है।

रेरा पंजीयन के बिना भूखंडों की बिक्री अधिनियम का उल्लंघन

भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 के अंतर्गत निर्धारित श्रेणी की रियल एस्टेट परियोजनाओं का रेरा में पंजीयन कराना अनिवार्य है। ऐसी परियोजनाओं में पंजीयन प्राप्त किए बिना भूखंडों अथवा अन्य संपत्तियों का विज्ञापन, विपणन या विक्रय करना अधिनियम के प्रावधानों के विरुद्ध है। इन प्रावधानों का उद्देश्य संपत्ति खरीदारों को परियोजना की वैधानिक स्थिति, विकास संबंधी जानकारी और अन्य आवश्यक विवरण उपलब्ध कराना तथा उनके हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्राधिकरण की यह कार्रवाई स्पष्ट करती है कि रियल एस्टेट परियोजनाओं के विकास और विक्रय में निर्धारित नियमों का पालन आवश्यक है। बिना पंजीयन परियोजनाओं का संचालन करने वाले प्रमोटरों के विरुद्ध अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

भूखंड खरीदने से पहले रेरा पंजीयन की जांच करने की अपील

छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण ने आम नागरिकों एवं संपत्ति खरीदारों से अपील की है कि किसी भी आवासीय अथवा भूखंड परियोजना में निवेश करने से पहले संबंधित परियोजना की रेरा पंजीयन स्थिति की जांच अवश्य करें। खरीदार परियोजना का पंजीयन क्रमांक, प्रमोटर का विवरण तथा अन्य आवश्यक जानकारियों का सत्यापन करें, ताकि भविष्य में संभावित विवादों एवं आर्थिक नुकसान से बचा जा सके। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। साथ ही भूखंड एवं आवास खरीदारों के अधिकारों की रक्षा तथा सुरक्षित एवं विश्वसनीय संपत्ति लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए प्राधिकरण प्रतिबद्ध है। आमजन छत्तीसगढ़ रेरा की आधिकारिक वेबसाइट https://rera.cgstate.gov.in पर जाकर परियोजनाओं के पंजीयन संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।